पीएम एसएचआरआई स्कूल, या पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया, भारत सरकार द्वारा एक केंद्र प्रायोजित पहल है जिसका उद्देश्य छात्रों के लिए एक सुरक्षित और प्रेरक सीखने का माहौल बनाना है। पीएम श्री स्कूलों में कुछ नवाचारों में शामिल हैं:
समग्र शिक्षा (Holistic Learning)
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक, रचनात्मक, सामाजिक और जीवन कौशल पर ध्यान दिया जाता है।
अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning)
गतिविधियों, परियोजनाओं, प्रयोगों, चर्चाओं और वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से सीखने को प्रोत्साहित किया जाता है।
मूल्यांकन (Assessment)
मूल्यांकन में विषय की समझ, दक्षता और ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग पर ध्यान दिया जाता है।
शैक्षणिक समृद्धि (Academic Enrichment)
समूह कार्य, प्रस्तुतियाँ, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, परियोजनाओं और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीखने को रोचक बनाया जाता है।
व्यक्तिगत शिक्षा (Individualized Learning)
विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त सहायता और उपयुक्त सीखने के अवसर प्रदान किए जाते हैं।
तकनीक-सक्षम शिक्षा (Technology-Enabled Learning)
शिक्षण-अधिगम को बेहतर बनाने के लिए ICT, डिजिटल संसाधनों और डिजिटल भाषा प्रयोगशाला का उपयोग किया जाता है।
नवाचार एवं रचनात्मकता (Innovation & Creativity)
अटल टिंकरिंग लैब (Atal Tinkering Lab) के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और समस्या-समाधान कौशल विकसित किए जाते हैं।
समावेशी वातावरण (Inclusive Environment)
विभिन्न सीखने की क्षमताओं, पृष्ठभूमियों और आवश्यकताओं वाले विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान किए जाते हैं।
मार्गदर्शन एवं सामुदायिक सहभागिता (Mentorship & Community Participation)
अच्छी कार्यप्रणालियों को साझा करने, नेतृत्व, सहयोग और विद्यालय समुदाय की सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाता है।
समग्र उद्देश्य (Overall Goal)
नवीन, समावेशी और अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, रचनात्मक, कुशल और जिम्मेदार नागरिक बनाना।